बीटेक के बिना टेक: डिजिटल करियर का नया रास्ता
दशकों तक इंजीनियरिंग डिग्री को टेक्नोलॉजी करियर का “गोल्डन टिकट” माना जाता रहा है। खासकर भारत में, बीटेक कार्यक्रम रोजगार, नवाचार और प्रतिष्ठा की कहानी पर हावी रहे हैं। लेकिन डिजिटल अर्थव्यवस्था अब नियमों को बदल रही है। आज बढ़ती संख्या में पेशेवर बिना औपचारिक इंजीनियरिंग डिग्री के टेक भूमिकाओं में प्रवेश कर रहे हैं - उनके पास कौशल, प्रमाणपत्र और वास्तविक अनुभव है। यह बदलाव कई कारणों से प्रेरित है। पहला, Coursera, Udemy और freeCodeCamp जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से सीखने का लोकतंत्रीकरण हुआ है, जिससे इंटरनेट कनेक्शन रखने वाला कोई भी व्यक्ति उच्च-गुणवत्ता वाली टेक शिक्षा हासिल कर सकता है। दूसरा, स्टार्टअप और प्रोडक्ट कंपनियाँ अब इस बात पर ज्यादा ध्यान देती हैं कि आप क्या कर सकते हैं, न कि आपने क्या पढ़ा है। कोडिंग बूटकैंप, हैकाथॉन और ओपन-सोर्स योगदान अब डिग्री जितना - और कई बार उससे भी ज्यादा - महत्व रखते हैं। उपलब्ध भूमिकाओं की श्रेणी आश्चर्यजनक रूप से व्यापक है। सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, वेब डिजाइन, UI/UX, डेटा एनालिटिक्स, साइबरसिक्योरिटी, क्लाउड कंप्यूटिंग और DevOps - ये सभी गैर-इंजीनियरि...